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Sunday, February 22, 2026

कर्ज़ लो–घी पियो’ बजट! 4.38 लाख करोड़ का बजट, 6 लाख करोड़ का कर्ज़—मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था किस दिशा में?

मध्यप्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 का ₹4.38 लाख करोड़ का बजट पेश करते हुए जहां विकास के दावे किए, वहीं उसी सदन में यह भी स्वीकार किया कि प्रदेश पर ₹6 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज़ चढ़ चुका है।

भोपाल

आलोचकों का कहना है कि यह बजट कम और “कर्ज़ लो–घी पियो, टैक्स वसूलो–कर्ज़ चुकाओ” की नीति ज्यादा प्रतीत होता है।

सरकार ने यह नहीं बताया कि प्रदेश के हर नागरिक पर ₹60 हजार से अधिक का कर्ज़ है और किसान पहले से ही लाखों के बोझ तले दबा है। बजट दस्तावेज़ों के अनुसार, प्रदेश की कुल आय का 16 प्रतिशत हिस्सा केवल कर्ज़ के ब्याज में जा रहा है—जो कई विभागों के कुल बजट से भी अधिक है।

सरकार ने 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया, लेकिन किसानों के लिए ठोस बजटीय प्रावधान नदारद रहे। वहीं ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के नाम पर 33 लाख करोड़ के निवेश के दावे किए जा रहे हैं, पर पिछले सात समिट से कितनी ज़मीन पर फैक्ट्री उतरी और कितनी नौकरियां मिलीं—इसका कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं।

आरोप है कि यह बजट आम आदमी से अधिक कॉरपोरेट हितों को समर्पित है। बिजली, कोयला, सोलर, एयरपोर्ट और कृषि क्षेत्र में निजीकरण की तैयारी ने “मध्यप्रदेश अदानी प्रदेश” की बहस को हवा दी है।

पिछले 26 महीनों में सरकार ने ₹1.69 लाख करोड़ का नया कर्ज़ लिया—यानी हर महीने 6500 करोड़ और हर दिन करीब 216 करोड़ का उधार। दूसरी ओर, पिछले पांच वर्षों में ₹1.16 लाख करोड़ केवल ब्याज के रूप में चुकाए जा चुके हैं।

स्वास्थ्य, पानी, सड़क और शिक्षा की बदहाली के बीच यह सवाल गूंज रहा है—जब जनता टैक्स देती है, तो बदले में उसे क्या मिल रहा है?

बढ़ते कर्ज़ को कम करने के लिए सरकार के पास कोई ठोस रोडमैप है या नहीं?

अब निगाहें जवाब पर हैं, क्योंकि कर्ज़ बढ़ता रहा तो कीमत सिर्फ आंकड़ों में नहीं, जमीनी ज़िंदगी में चुकानी पड़ेगी।

सुंदरलाल बर्मन
सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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