चार माह की विश्रामावस्था के बाद भगवान श्री विष्णु के जागरण पर्व देवउठनी एकादशी के अवसर पर शुक्रवार को विष्णु-वाराह मंदिर परिसर में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
मझौली जबलपुर
प्रातः काल से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने भगवान श्री विष्णु, मां तुलसी और श्री शालिग्राम का विधिवत पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस पावन अवसर पर **तुलसी विवाह** का आयोजन भी धूमधाम से किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मां तुलसी का विवाह श्री शालिग्राम (भगवान विष्णु का स्वरूप) से संपन्न हुआ। विवाहोत्सव में भक्तों ने मंगल गीत गाए और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
मंदिर प्रांगण को फूलों, दीपों और रंगोली से सजाया गया था। सायंकाल आरती के दौरान दीप प्रज्वलन से पूरा वातावरण आलोकित हो उठा। श्रद्धालुओं ने दीपदान कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि देवउठनी एकादशी का दिन नई ऊर्जा, नई उमंग और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। चार माह के चातुर्मास के बाद भगवान विष्णु के जागरण के साथ ही शुभ कार्यों — विवाह, गृहप्रवेश, यज्ञादि — की पुनः शुरुआत होती है।
इस अवसर पर भजन-संकीर्तन, प्रसाद वितरण और भक्ति कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने भाग लेकर दिव्य आनंद का अनुभव किया।




