नगर परिषद मझौली कार्यालय से महज़ कुछ ही कदमों की दूरी पर खुले पड़े नाली के चैम्बर राहगीरों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।
मझौली (जबलपुर)
हैरानी की बात यह है कि जिस रास्ते से रोज़ जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी गुजरते हैं, उसी स्थान पर खुले चैम्बर मौत को दावत दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों की नजर अब तक इस गंभीर समस्या पर नहीं पड़ी।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह क्षेत्र काफी व्यस्त है। दिनभर पैदल राहगीर, दुपहिया वाहन चालक, बुज़ुर्ग, महिलाएँ और स्कूली बच्चे इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं। रात के समय या बारिश के दौरान ये खुले चैम्बर दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बताया जा रहा है कि हाल ही में कुछ लोग यहां फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब नगर परिषद का कार्यालय इसी स्थान के पास है, तो फिर इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कैसे बनी हुई है? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद मझौली से तत्काल खुले नाली चैम्बरों को ढकने, चेतावनी संकेत लगाने और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा जांच कराने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी।




