सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, जबलपुर के ई-दक्ष केंद्र में सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई)-2005 पर आधारित एक विशेष दो दिवसीय प्रशिक्षण शनिवार से प्रारंभ हुआ।
जबलपुर (मध्य प्रदेश)
यह प्रशिक्षण कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के विशेष दिशा-निर्देशों पर आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले के शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत और तकनीकी जानकारी प्रदान करना है। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाना और नागरिकों के प्रति जवाबदेही तय करना, आज के सुशासन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रशिक्षण भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग तथा आर सी व्ही पी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल के निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जो इसकी गंभीरता और गुणवत्ता को दर्शाता है।
प्रशिक्षण के पहले चरण में उच्च शिक्षा विभाग को लक्षित किया गया है। इसमें जिले के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों के लोक सूचना अधिकारी (PIO), सहायक लोक सूचना अधिकारी (APIO) तथा आरटीआई मामलों को संभालने वाले डीलिंग क्लर्कों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
ई-दक्ष केंद्र के अनुभवी आरटीआई मास्टर ट्रेनर स्वाति जैन तथा वरिष्ठ प्रशिक्षक संदीप पाण्डेय द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
* प्रमुख विषय: इन प्रशिक्षकों ने आरटीआई आवेदन प्रक्रिया, प्रथम अपील और द्वितीय अपील की व्यवस्था तथा अधिनियम के महत्वपूर्ण और पेचीदा प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी।
* व्यावहारिक उदाहरण: प्रशिक्षकों ने केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक उदाहरणों (Case Studies) के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार नागरिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सटीक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाता है।
जबलपुर में प्रारंभ हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के प्रशासनिक अमले को आरटीआई के प्रति अधिक जागरूक और कुशल बनाएगा। इससे न केवल सरकारी कार्यप्रणाली में नागरिकों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि सूचना के प्रवाह को भी गति मिलेगी, जो एक स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है।




