सरकारी खजाने पर निजी ‘चार्जिंग’: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली में फार्मासिस्ट ने अस्पताल की बिजली से चार्ज की निजी ई-स्कूटी

अस्पताल परिसर में खुलेआम सरकारी संसाधनों की फिजूलखर्ची, मरीजों की सेवा के लिए मिले संसाधनों का निजी हित में इस्तेमाल

 * मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल, बीएमओ डॉ. मुकेश सोनी ने कहा—जांच कर होगी सख्त वैधानिक कार्रवाई

मझौली/जबलपुर 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मझौली में सरकारी संसाधनों और बिजली के दुरुपयोग की खुली पोल खुली है। जनसेवा और मरीजों के उपचार के लिए संचालित इस प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ फार्मासिस्ट शिवानी द्वारा अपनी निजी इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी को अस्पताल के सरकारी बिजली कनेक्शन से चार्ज करने का मामला सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि किस तरह जिम्मेदार पदों पर बैठे कर्मी शासकीय सुविधाओं को अपनी निजी जागीर समझ बैठे हैं।

बेपरवाह रवैया: अस्पताल की बिजली, निजी उपयोग

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट बेखौफ अंदाज में अपनी ई-स्कूटी को अस्पताल के मुख्य पावर प्वाइंट से जोड़कर चार्ज करती पाई गईं। जहाँ एक ओर सरकारी अस्पतालों में बजट की कमी और बुनियादी सुविधाओं की किल्लत का रोना रोया जाता है, वहीं अस्पताल परिसर में इस तरह निजी वाहन को चार्ज करने पर होने वाला बिजली का खर्च सीधे तौर पर सरकारी खजाने और जनता के टैक्स के पैसों पर डाका डालने जैसा है। इस लापरवाही ने अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों को भी हैरत में डाल दिया।

बीएमओ बोले: निजी वाहन चार्जिंग अस्वीकार्य, होगी कड़ी कार्रवाई

सरकारी संसाधनों के इस खुलेआम दुरुपयोग को लेकर जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. मुकेश सोनी से तीखे सवाल किए गए, तो उन्होंने इस पर कड़ा रुख अपनाया।

 “अस्पताल परिसर में किसी भी कर्मचारी द्वारा निजी वाहन चार्ज करने या शासकीय बिजली का व्यक्तिगत इस्तेमाल करने की कतई अनुमति नहीं है। यदि ऐसा कोई मामला हमारे संज्ञान में आया है, तो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

— डॉ. मुकेश सोनी, बीएमओ, सीएचसी मझौली

जनता में रोष: क्या केवल चेतावनी या होगी ठोस नजीर पेश?

अस्पताल में हुए इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का यह रवैया अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें उच्चाधिकारियों और बीएमओ की जांच पर टिकी हैं कि क्या इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा या फिर सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए कोई सख्त दंडात्मक कार्रवाई कर नजीर पेश की जाएगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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