खूनी डायवर्जन से दहला पाटन: 6 माह में 40 मौतों के बाद फूटा जनआक्रोश, अभूतपूर्व बंद; चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात

 जबलपुर-भोपाल मार्ग स्थित शहपुरा पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद पाटन रूट पर थोपा गया भारी वाहनों का दबाव अब स्थानीय रहवासियों के लिए ‘मौत का वारंट’ साबित हो रहा है।

जबलपुर/पाटन

लगातार हो रहे भीषण सड़क हादसों और बीते छह महीनों में 40 से अधिक जिंदगियां लील चुके इस खूनी डायवर्जन के खिलाफ आज पूरा पाटन कस्बा आक्रोश की आग में जल उठा। व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटे के बीच नागरिकों का तीव्र विरोध देखने को मिला। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने कस्बे में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।

डेथ ज़ोन’ में तब्दील हुआ पाटन मार्ग, दहशत में जिंदगी

स्थानीय नागरिकों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि करोड़ों की लागत से निर्मित शहपुरा फ्लाईओवर ब्रिज चंद महीनों में ही गुणवत्ता की पोल खोलते हुए क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद प्रशासन ने बिना किसी ठोस सुरक्षा योजना के भोपाल-जबलपुर का समूचा भारी ट्रैफिक पाटन की संकरी सड़कों पर मोड़ दिया। 24 घंटे अंधाधुंध गति से दौड़ते भारी ट्रकों और डंपरों ने इस मार्ग को पूरी तरह ‘डेथ ज़ोन’ बना दिया है। दिन हो या रात, घरों से बाहर निकलने वाले हर राहगीर और स्कूली बच्चों के परिजनों पर हमेशा अनहोनी का खौफ मंडराता रहता है।

फोरलेन स्वीकृति के बाद भी काम ठप, जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर भड़के लोग

मामले में तीखा रुख अपनाते हुए वरिष्ठ नेता उदयभान सिंह ने शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के संज्ञान में पूरा विषय होने और फोरलेन मार्ग की प्रशासनिक स्वीकृति मिल जाने के बावजूद धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन स्तर पर कई बार ज्ञापन सौंपे और गुहार लगाई, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण आज जनता को अपनी जान बचाने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ा है।

नो-पार्किंग और बेतरतीब व्यवस्था ने बढ़ाई मुश्किल

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कस्बे में संचालित चार प्रमुख बैंकों के पास खुद का पार्किंग स्थल तक नहीं है। एक तरफ दिन-रात भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही और दूसरी तरफ मुख्य मार्ग पर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण घंटों लंबा जाम लग जाता है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि एंबुलेंस और गंभीर मरीजों के वाहन भी घंटों फंसे रहते हैं, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है।

प्रशासन को अल्टीमेटम: तुरंत बदले रूट, शुरू हो निर्माण

आंदोलनकारियों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि जब तक फोरलेन का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू नहीं होता और शहपुरा पुल की तकनीकी मरम्मत पूरी नहीं की जाती, तब तक पाटन मार्ग से भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए। यदि प्रशासन ने समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन का रूप अख्तियार करेगा।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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