3 HP कृषि पंप कनेक्शन देने के नाम पर मांगी थी ₹15,000 की घूस, लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने जाल बिछाकर दबोचा
कटंगी/जबलपुर।
जबलपुर जिले के कटंगी में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकंजा कसते हुए बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (कटंगी कार्यालय) में पदस्थ सहायक अभियंता (AE) मनोज कुमार दुबे और लाइनमैन धनेश कुमार शुक्ला को किसान से ₹12,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह घूस कृषि भूमि पर सिंचाई मोटर के लिए 3 एचपी का स्थाई बिजली कनेक्शन जारी करने के एवज में ली जा रही थी।
15 हजार की डिमांड, 12 हजार में तय हुआ था सौदा
लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम जमुनिया निवासी किसान मुकेश कुमार यादव ने अपने खेत में 3 हॉर्स पावर (HP) की मोटर चलाने के लिए स्थाई विद्युत कनेक्शन का विधिवत आवेदन दिया था। आरोप है कि सहायक अभियंता मनोज कुमार दुबे और लाइनमैन धनेश कुमार शुक्ला ने नियमानुसार काम करने के बजाय किसान से ₹15,000 की अवैध मांग रख दी।
रिश्वत देने में असमर्थ किसान ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में दर्ज कराई। शिकायत का गुप्त सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोपी अधिकारी ₹12,000 लेने पर सहमत हुए और रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई।
कार्यालय में बिछाया जाल, घूस की रकम हाथ में आते ही दबोचे गए
सोमवार, 17 अगस्त 2026 को लोकायुक्त की विशेष टीम ने कटंगी विद्युत वितरण केंद्र में सुनियोजित घेराबंदी की। जैसे ही आवेदक मुकेश कुमार यादव ने केमिकल लगे ₹12,000 के नोट सहायक अभियंता और लाइनमैन को थमाए, इशारा मिलते ही लोकायुक्त की टीम ने दबिश देकर दोनों को मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपियों के हाथ धुलवाते ही केमिकल का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वतखोरी रंगे हाथ साबित हुई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं BNS के तहत अपराध दर्ज
लोकायुक्त दल द्वारा दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की सुसंगत धाराओं तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस सफल ट्रैप कार्रवाई में लोकायुक्त उप पुलिस अधीक्षक (DSP) नीतू त्रिपाठी, टीएलओ निरीक्षक शशि कला मस्कुले, निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित जबलपुर लोकायुक्त का विशेष दल शामिल रहा।
लोकायुक्त की जनता से अपील:
लोकायुक्त संगठन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। यदि कोई भी शासकीय अधिकारी अथवा कर्मचारी किसी भी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत या अनुचित लाभ की मांग करता है, तो नागरिक सीधे लोकायुक्त कार्यालय, जबलपुर में संपर्क कर शिकायत दर्ज कराए




