अन्नपूर्णा वेयरहाउस कांड: 5168 क्विंटल गेहूं गबन मामले में संदीप दुबे पर FIR से गरमाई सियासत, पूर्व जिपं उपाध्यक्ष मनोहर सिंह ने क्षेत्रीय विधायक को घेरा

कहा— “विधायक के संरक्षण में वर्षों से चल रहा था खेल, विधानसभा में गूंजने के बाद मास्टरमाइंड पर कसा शिकंजा”

 

पाटन/मझौली 

मझौली। स्थानीय अन्नपूर्णा वेयरहाउस में हुए 5168.70 क्विंटल गेहूं गबन मामले में संदीप दुबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज होते ही क्षेत्र का सियासी पारा चढ़ गया है। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष व वरिष्ठ नेता ठा. मनोहर सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से क्षेत्रीय विधायक और स्थानीय प्रशासनिक तंत्र पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से चल रहे इस बड़े फर्जीवाड़े को सत्ता पक्ष का खुला संरक्षण प्राप्त था और अब परत-दर-परत घोटालों की सच्चाई जनता के सामने आ रही है।

किसानों के संघर्ष और विधानसभा में सवाल उठने पर हुई कार्रवाई

ठा. मनोहर सिंह ने स्पष्ट किया कि पूर्व में हुई जांच के दौरान संदीप दुबे का नाम प्रमुखता से सामने आया था, लेकिन उस समय उसे बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया गया था। क्षेत्र के सजग किसानों, जागरूक नागरिकों के निरंतर विरोध और विधानसभा में विधायक लखन घनघोरिया द्वारा प्रखरता से मुद्दा उठाए जाने के बाद ही संदीप दुबे को पुनः कानूनी शिकंजे में लाकर आरोपी बनाया जा सका है। उन्होंने कहा कि सच को दबाने की तमाम कोशिशें आखिरकार नाकाम साबित हुईं।

मास्टरमाइंड को बचाना बंद कर अपनी चुप्पी तोड़ें विधायक”

मनोहर सिंह ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि संदीप दुबे ही इस पूरे घोटाले का मुख्य कर्ताधर्ता (मास्टरमाइंड) है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि लंबे समय तक संरक्षण देने वाले जनप्रतिनिधि को अब जनता के सामने आकर संदीप दुबे के मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

फरार आरोपी गवाहों को धमका रहा, तत्काल हो गिरफ्तारी

प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े करते हुए उन्होंने फरार आरोपी की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। मनोहर सिंह का आरोप है कि खुले घूमते हुए आरोपी द्वारा गवाहों को धमकाने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर केस को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके साथ ही, घोटालों की जांच के लिए बनने वाली समिति में सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधियों को शामिल किए जाने की सुगबुगाहट पर भी उन्होंने कटाक्ष किया। उन्होंने दो टूक कहा कि खुद के संरक्षण में हुए घोटालों की जांच खुद करना महज़ लीपापोती का षड्यंत्र है, जिसे क्षेत्र की जनता कतई स्वीकार नहीं करेगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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