नगर परिषद मझौली के वार्ड क्रमांक (1) के निवासियों ने शासकीय श्मशान भूमि की दुर्दशा, बाउंड्री वॉल व शेड के अभाव और शासकीय बोर पर दबंगों के अवैध कब्जे को लेकर तहसीलदार महोदया को एक सामूहिक ज्ञापन सौंपा है।
मझौली (जबलपुर)
तहसीलदार को सौंपे गए शिकायती पत्र में वार्डवासियों ने बताया कि वार्ड क्रमांक (1) स्थित शासकीय भूमि का उपयोग उनके पूर्वजों के समय से पारंपरिक श्मशान घाट के रूप में किया जा रहा है। वर्तमान में यहाँ बाउंड्री वॉल न होने के कारण दिनभर आवारा पशुओं का डेरा लगा रहता है, जिससे भूमि पर अतिक्रमण का खतरा लगातार मंडरा रहा है।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि श्मशान घाट पर कोई शेड (अंतिम संस्कार शेड) निर्मित नहीं है। इसके कारण बारिश और तपती धूप के मौसम में अंतिम संस्कार के समय अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले नागरिकों को भारी अव्यवस्थाओं और फजीहत का सामना करना पड़ता है।
वार्डवासियों ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि शासन द्वारा पूर्व में श्मशान परिसर में आम जनता की सुविधा के लिए एक शासकीय बोर (नलकूप) कराया गया था। लेकिन वर्तमान में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस शासकीय बोर पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है और वे अपने निजी स्वार्थ के लिए इसका पानी उपयोग कर रहे हैं।
श्मशान घाट पर शवयात्रा में आने वाले लोगों और वार्डवासियों के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस शासकीय बोर से तत्काल अवैध कब्जा हटाया जाए और नगर परिषद व राजस्व विभाग के सहयोग से वहाँ हैंडपंप स्थापित किया जाए, ताकि आम जन को पेयजल मिल सके।
वार्डवासियों ने की सीमांकन और निर्माण कार्य की मांग
शिकायत सौंपने वालों में मुख्य रूप से चकूलान, अनुसुईयाबाई, चम्मू, गुहा, राजा कुशवाहा, लखन, गोपालप्रसाद, मन्नू कुशवाहा, कृष्ण कुमार काछी, शंकर, भैयालाल, सुशील बंशकार, प्रीतमलाल, राहुल कुशवाहा, डब्बल, मुरेश, पवन बसोर, हेमराज और विशाल बसोर सहित दर्जनों वार्डवासी शामिल रहे।
नागरिकों की मांग:”हमारी तहसीलदार महोदया से करबद्ध प्रार्थना है कि श्मशान भूमि का तत्काल सीमांकन कराया जाए, बाउंड्री वॉल व शेड निर्माण की स्वीकृति दी जाए और शासकीय बोर को कब्जामुक्त कराकर हैंडपंप लगवाया जाए।”
इस मामले में अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर और संवेदनशील जनहित के मुद्दे पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और वार्डवासियों को इस नरकीय स्थिति से मुक्ति दिलाता है।
*रिपोर्ट: स्थानीय संवाददाता, मझौली (जबलपुर)*




