जबलपुर स्वास्थ्य विभाग में बड़ा भर्ती घोटाला: बिना इंटरव्यू और चयन समिति के 496 आउटसोर्स कर्मियों की ‘अवैध’ नियुक्ति, ₹1.5 करोड़ की वसूली का आरोप

स्वास्थ्य विभाग जबलपुर में ग्रुप डी आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में एक बड़े घोटाले और आर्थिक अनियमितता का मामला सामने आया है।

जबलपुर/मझौली 

समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने क्षेत्रीय संचालक (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, जबलपुर संभाग) को एक शिकायती पत्र सौंपकर डॉ. आदर्श विश्नोई (नोडल अधिकारी नर्सिंग होम शाखा सह बी.एम.ओ. पाटन) पर पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये के लेन-देन और नियमों को ताक पर रखकर अवैध नियुक्तियां करने का गंभीर आरोप लगाया है।

शिकायत में मांग की गई है कि इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध नियुक्तियों को निरस्त किया जाए और योग्य व मेरिटोरियस उम्मीदवारों को न्याय देते हुए डॉ. विश्नोई के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जबलपुर जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्था सुचारू रखने के लिए उद्यमिता विकास केन्द्र मध्य प्रदेश ( CEDMAP – सेडमैप) के माध्यम से कुल 314 मल्टी स्किल्ड ग्रुप डी वर्कर्स की भर्ती की जानी थी। इसके लिए बकायदा कलेक्टर जबलपुर द्वारा अनुमति दी गई थी। ऑनलाइन आवेदनों के इंटरव्यू के लिए तीन सदस्यीय विभागीय समिति बनी थी, जिसमें डॉ. आदर्श विश्नोई सहित अजय कुरील और अरुण शाह शामिल थे।

आरोप है कि तय संख्या (314) के स्थान पर डॉ. विश्नोई ने मनमाने ढंग से जेयूस इंटरप्राइजेस’ के माध्यम से 241 और ओम पारस मैनपावर सर्विस’ के माध्यम से 255 अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर कुल 496 लोगों की अवैध नियुक्ति कर दी। इस तरह कलेक्टर के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं।

चयन समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं, 65 पार के बुजुर्ग को दी नौकरी

शिकायतकर्ता आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया कि:

 बिना हस्ताक्षर की सूची: सेडमैप साक्षात्कार समिति के अन्य सदस्यों—श्री अजय कुरील और श्री अरुण शाह—ने इस फर्जी चयन सूची पर हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं। सेडमैप के 3 जून 2026 के पत्र के अनुसार केवल 57 उम्मीदवारों का चयन ही इंटरव्यू के माध्यम से हुआ था, बाकी सभी नियुक्तियां फर्जी हैं।

 श्रम कानूनों का उल्लंघन: चयन प्रक्रिया में शामिल न होने वाले 65 वर्ष से अधिक उम्र के मनोज गुप्ता नामक व्यक्ति का चयन कर प्रचलित श्रम कानूनों का घोर उल्लंघन किया गया।

 बिना आवेदन वालों को लाभ: डॉ. विश्नोई ने आउटसोर्स कंपनियों से सांठगांठ कर उन लोगों को भी नौकरी दे दी, जिन्होंने सेडमैप में ऑनलाइन आवेदन तक नहीं किया था और न ही जिन्हें इंटरव्यू का कॉल लेटर जारी हुआ था।

 CMHO को किया दरकिनार: आउटसोर्स कंपनियों के पत्र मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जबलपुर को संबोधित थे, लेकिन डॉ. विश्नोई ने अनधिकृत रूप से CMHO को बाईपास करते हुए बिना किसी कवरिंग लेटर के सीधे ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सभी BMO को जॉइनिंग के लिए पत्र (दिनांक 08.06.2026 व 13.06.2026) भेज दिए।

शिकायत में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि डॉ. आदर्श विश्नोई द्वारा प्रति अभ्यर्थी लगभग 40,000 रुपये की दर से करीब 400 अभ्यर्थियों से 1.5 करोड़ रुपये की अवैध वसूली** की गई है। इसके अलावा, रिकॉर्ड में 24 और 25 मई 2026 को मात्र दो दिनों के भीतर 1000 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू होना दर्शाया गया है, जो व्यावहारिक रूप से पूरी तरह असंभव है।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव ने कहा कि इस भ्रष्टाचार के कारण योग्य, जरूरतमंद और मेरिटोरियस उम्मीदवार रोजगार से वंचित रह गए हैं, जबकि अयोग्य लोगों को बैकडोर से एंट्री दे दी गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जनहित में इस गैरकानूनी चयन प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए, नए सिरे से पारदर्शी इंटरव्यू आयोजित किए जाएं और आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

Latest News

Stay Connected

0FansLike
29FollowersFollow
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Most View