राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित जबलपुर प्रवास को लेकर तैयारियां तेज; कार्यक्रम स्थलों का किया संयुक्त निरीक्षण
दिखा ‘टीम जबलपुर’ का समन्वय, ईंधन की बचत के साथ-साथ आपसी सामंजस्य का पेश किया अनूठा उदाहरण
जबलपुर (मझौली दर्पण न्यूज)।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के आगामी प्रस्तावित जबलपुर प्रवास को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। मंगलवार को तैयारियों का जायजा लेने निकले प्रशासनिक अमले का एक बेहद अनूठा और सकारात्मक रूप देखने को मिला। अमूमन जब भी कोई बड़ा वीआईपी (VIP) दौरा होता है, तो अधिकारियों के वाहनों का लंबा काफिला सड़कों पर दौड़ता नजर आता है, जिससे न सिर्फ ईंधन की भारी बर्बादी होती है बल्कि यातायात भी प्रभावित होता है। लेकिन इस बार जबलपुर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) संपत उपाध्याय ने इस वीआईपी कल्चर को दरकिनार करते हुए एक नई और सराहनीय मिसाल पेश की है।
मंगलवार को कार्यक्रम स्थलों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर, एसपी समेत जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने वीआईपी सरकारी वाहनों को छोड़ दिया और सब एक साथ ट्रैवलर वाहनों में सवार होकर निरीक्षण के लिए रवाना हुए
मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा, व्यवस्था और तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण करने के लिए केवल दो ट्रैवलर वाहनों का इंतजाम किया गया था। इन्हीं वाहनों में कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय के साथ नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत सहित विभिन्न क्षेत्रों के एसडीएम और संबंधित विभागों के तमाम अधिकारी-कर्मचारी एक साथ बैठकर कार्यक्रम स्थलों पर पहुंचे
प्रशासन के इस कदम की हर तरफ सराहना हो रही है। जानकारों का मानना है कि अलग-अलग चमचमाती सरकारी गाड़ियों का काफिला निकालने के बजाय एक ही वाहन में बैठकर जाने से न केवल सरकारी ईंधन और राजस्व की बचत हुई, बल्कि ऑन-फील्ड निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के बीच आपसी सामंजस्य (Coordination) भी बेहतर देखने को मिला। सफर के दौरान भी अधिकारी तैयारियों की रूपरेखा पर आपस में चर्चा करते नजर आए, जिससे ऑन-स्पॉट निर्णय लेने में आसानी हुई।
इस संयुक्त निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और एसपी ने राष्ट्रपति के प्रवास से जुड़े सभी स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था, मंच व्यवस्था, हेलीपैड और आवागमन के मार्गों का बारीकी से मुआयना किया। अधिकारियों को समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक तैयारियां चाक-चौबंद करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि महामहिम के प्रवास के दौरान व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो।
“जबलपुर प्रशासन का यह कदम वाकई काबिलेतारीफ है। वीआईपी कल्चर और हूटर-काफिले की परंपरा से अलग हटकर जब जिले के मुखिया और आला अधिकारी एक आम गाड़ी (ट्रैवलर) में बैठकर जनता के काम और व्यवस्थाएं देखने निकलते हैं, तो इससे न केवल संसाधनों की बचत होती है बल्कि अधीनस्थ कर्मचारियों में भी एक ‘टीम’ के रूप में काम करने का सकारात्मक संदेश जाता है। उम्मीद है कि भविष्य में भी अन्य प्रशासनिक आयोजनों में इस मितव्ययिता और समन्वय को बनाए रखा जाएगा।”
सुंदर लाल बर्मन, प्रधान संपादक
(मझौली दर्पण न्यूज)




