वैश्विक स्तर पर बढ़ते ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव का असर अब भारत के औद्योगिक शहर सूरत तक पहुंच गया है।
सूरत/गुजरात
अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में आई बाधाओं और कच्चे माल की अनिश्चित उपलब्धता के चलते सूरत के कपड़ा उद्योग ने बड़ा फैसला लेते हुए अब सप्ताह में केवल **पांच दिन उत्पादन** करने का ऐलान किया है।
मंगलवार को टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े अग्रणी व्यापारियों और संगठनों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके तहत सप्ताह में दो दिन का शटडाउन रहेगा, जिससे उत्पादन लागत को नियंत्रित करने और उपलब्ध संसाधनों का संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।
सूरत में पहले से ही एलपीजी गैस की कमी के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। कपड़ा उद्योग में बड़ी संख्या में यूनिट्स गैस आधारित मशीनों पर निर्भर हैं, ऐसे में गैस की किल्लत ने उत्पादन पर सीधा असर डाला है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि शहर में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों का पलायन भी शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा के श्रमिक लगातार अपने गृह राज्यों की ओर लौट रहे हैं, जिससे उद्योग में श्रमिकों की कमी भी गहराने लगी है।
गौरतलब है कि सूरत को दुनियाभर में टेक्सटाइल और डायमंड हब के रूप में पहचान मिली हुई है। यहां के कपड़ा उद्योग में आई मंदी और उत्पादन में कटौती का असर न केवल स्थानीय व्यापार बल्कि देश की निर्यात अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
टेक्सटाइल कारोबारियों का कहना है कि यदि वैश्विक हालात और सप्लाई चेन की समस्या जल्द नहीं सुधरी, तो उद्योग को और बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। लगातार बढ़ती लागत, कच्चे माल की कमी और ऊर्जा संकट ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है




