धान खरीदी के भुगतान में कथित देरी और विसंगतियों के विरोध में किसानों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया है।
मझौली जबलपुर
भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत के बैनर तले मझौली तहसील में शुक्रवार को बड़ी रैली निकाली जाएगी। इस संबंध में संघ ने तहसीलदार को लिखित सूचना देकर अनुमति मांगी है।
संघ के तहसील अध्यक्ष वीरेन्द्र पटेल ने बताया कि धान का पूरा और समयबद्ध भुगतान किसानों का अधिकार है। यदि समर्थन मूल्य पर खरीदी के बाद भी भुगतान लंबित रहता है, तो किसान आर्थिक संकट में फंस जाता है। संघ के अनुसार कई किसानों को अभी तक संपूर्ण राशि प्राप्त नहीं हुई है, जिससे रबी सीजन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
संघ की ओर से दी गई सूचना के अनुसार रैली दोपहर 2 बजे प्रारंभ होगी। किसान पूर्व निर्धारित स्थान से एकत्र होकर तहसील मुख्यालय तक मार्च करेंगे, जहां ज्ञापन सौंपकर लंबित भुगतान पर ठोस कार्यवाही की मांग की जाएगी।
भारतीय किसान संघ ने अपने संदेश में कहा है कि “स्वावलंबी किसान ही सम्पन्न ग्राम और समर्थ भारत की नींव है।” संगठन का आरोप है कि यदि समय पर भुगतान न मिले तो किसान कर्ज और बाजार के दबाव में आ जाता है, जिसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
अब निगाहें प्रशासन पर हैं। क्या किसानों की मांगों पर तत्काल सुनवाई होगी या आंदोलन और उग्र होगा? संघ ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
मझौली में होने वाली यह रैली सिर्फ भुगतान का मुद्दा नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई बनती जा रही है।




