2025 की पहली तिमाही में 31400 करोड़ पहुंचा आंकड़ा
भोपाल
विधानसभा के बजट सत्र के बाद मोहन सरकार फिर 4400 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। मंगलवार को 2000 करोड़ और 2400 करोड़ रुपए के दो कर्ज सरकार लेगी, जिसका भुगतान बुधवार को होगा। इसके पहले पिछले बुधवार को रंगपंचमी के दिन भी सरकार ने छह हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। मार्च में सरकार ने अब तक हर हफ्ते कर्ज लिया है जो 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में 61400 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। इसके साथ ही अकेले मार्च महीने में सरकार 20400 करोड़ का कर्ज ले लेगी।
मोहन यादव सरकार मार्च का चौथा कर्ज उठाने जा रही है। मंगलवार को जो दो कर्ज लिए जा रहे हैं वह सात साल और दस साल की अवधि के हैं। दो हजार करोड़ रुपए का कर्ज सात साल और 2400 करोड़ रुपए का लोन 10 साल की अवधि के लिए लिया जा रहा है जिसका ब्याज मार्च और सितम्बर के महीनों में हर साल सरकार चुकाएगी। इसके पहले रंगपंचमी पर 19 मार्च को दो हजार करोड़ के तीन कर्ज लिए गए थे। अफसरों के अनुसार एक अप्रेल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के बाद दो महीने तक कर्ज नहीं लिए जा सकेंगे, इसलिए सरकार ने मार्च में 20400 करोड़ रुपए का कर्ज लेने का फैसला किया है।
एक जनवरी से 25 मार्च तक लिया गया कर्ज
मोहन सरकार ने एक जनवरी 2025 से 25 मार्च की स्थिति में 31400 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। इसमें से 4400 करोड़ का कर्ज मंगलवार को लिया जाने वाला है। जनवरी में पांच हजार करोड़, फरवरी में छह हजार करोड़ रुपए के कर्ज लिए गए। इसके बाद मार्च में लिए जाने वाले कर्ज की राशि 20400 करोड़ रुपए हो रही है।
2023-24 में लिए थे 44 हजार करोड़, इस अवधि तक 3.75 लाख करोड़ का कर्ज
मध्यप्रदेश की जनता पर 31 मार्च 2024 को खत्म हुए वित्त वर्ष में 3 लाख 75 हजार 578 करोड़ रुपए का कर्ज है। एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक बीजेपी सरकार ने एक साल में 44 हजार करोड़ रुपए कर्ज लिया था। इसके पहले 31 मार्च 2023 को सरकार पर कर्ज की राशि 3 लाख 31 हजार करोड़ रुपए से अधिक थी।




