मध्यप्रदेश में 2 मार्च से आम जनता की रफ्तार थमने वाली है।
भोपाल
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेशभर के निजी बस मालिकों ने पूरे राज्य में बसों के पहिए जाम करने का ऐलान कर दिया है। यह हड़ताल अनिश्चितकालीन होगी, जिससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बस संचालकों का यह आंदोलन 24 दिसंबर 2025 को जारी नई परिवहन नीति के विरोध में किया जा रहा है। एसोसिएशन का आरोप है कि सरकार एक ओर सरकारी बस परिवहन को दोबारा शुरू कर रही है, वहीं दूसरी ओर निजी बस मालिकों पर किराया बढ़ाने, टैक्स में इजाफा और नई शर्तों का बोझ लाद दिया गया है।
सरकारी संरक्षण में निजी बस मालिकों का गला घोंटा जा रहा”
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन का साफ कहना है कि यदि निजी कंपनियों और सरकारी बसों को विशेष रियायत देकर संचालन कराया गया, तो हजारों निजी बस मालिक, ड्राइवर, कंडक्टर और सहायक कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे।
एसोसिएशन ने इसे रोज़गार विरोधी नीति” करार दिया है।
सागर में हुई निर्णायक बैठक
बस ओनर्स एसोसिएशन की सागर में आयोजित बड़ी बैठक में आंदोलन को अंतिम रूप दिया गया। इस बैठक में रायसेन जिले सहित प्रदेश के कई जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और एक सुर में 2 मार्च से बस संचालन पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया।
सरकार को चेतावनी
बस मालिकों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने:
* नई परिवहन नीति पर पुनर्विचार नहीं किया
* बढ़ाए गए टैक्स और किराए में राहत नहीं दी
* निजी बस संचालकों के हितों की अनदेखी बंद नहीं की तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
जनता होगी सबसे ज़्यादा प्रभावित
ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे कस्बों और रोज़ाना यात्रा करने वाले छात्रों, मजदूरों और कर्मचारियों के लिए निजी बसें ही जीवनरेखा हैं। ऐसे में इस हड़ताल का सीधा असर आम आदमी की जेब और ज़िंदगी पर पड़ेगा।
अब सवाल यह है—क्या सरकार समय रहते बातचीत करेगी? या फिर 2 मार्च से पूरा मध्यप्रदेश बस-रहित सड़कों पर उतर जाएगा?
फिलहाल, बस मालिक आर-पार के मूड में हैं।




